देवता और नायक
ख्नुम

मिस्री पौराणिक कथा

ख्नुम

नील के उद्गम का सृष्टिकर्ता देवता

परंपरा
मिस्री पौराणिक कथा
समूह
सृष्टि · जल · उर्वरता · शिल्प · दिव्य · प्रकृति · नियति

ख्नुम मेढ़े-शीर्ष वाला कुम्हार देवता है जो अपने ही हाथों से जीवन गढ़ता है। अपने चाक पर वह नील की मिट्टी से हर बच्चे और उसके का को आकार देता है, केवल शरीर ही नहीं बल्कि आत्मा को भी ढालता है, फिर नए प्राणी को माता के गर्भ में स्थापित करता है। वह एलिफेंटाइन और उस जलप्रपात की रक्षा करता है जहाँ मिस्रवासी मानते थे कि नील की बाढ़ का जन्म हुआ, इसलिए जो देवता हर व्यक्ति को रचता है वही उन जलों को भी नियंत्रित करता है जो समूचे देश का पोषण करते हैं। उसके हाथों में सृष्टि कोई दूरस्थ ब्रह्मांडीय कार्य नहीं बल्कि हर आत्मा के लिए दोहराया गया एक अंतरंग, सावधान कार्य है।

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